Last Updated: 11th November, 2019

Guru Nanak Messages and Quotes

Celebrate Guru Nanak Jayanti by sending these messages on Guru Nanak Devji's 550th birth anniversary.

Gurpurab Messages

Nanak Naam Jahaaz Hai
Jo Chadhe So Uttre Paar!
Happy Guru Nanak Jayanti!

Be a student, all your life and share your learning without any reservation.

 

Guru Nanak Dev ji says that everything happens by God's Grace,
God knows better what is right or wrong for us.
"Hukam Rajayee Chalna Nanak Likheya Naal".

Believe in one God.

Guru Nanak ji says that woman and man are spiritually equal and woman cannot be inferior to man.

Gurpurab Messages

Aap sab nu Dhan Dhan Shri Guru Nanak Dev Ji De Janam Divas Diyan Lakh-Lakh Vadhayian.

Worship but selflessly, conditional and need based worship serve no purpose.

Guru Nanak Dev ji belief in one God, who gives to Everyone.
He said,
" I am neither Hindu Nor Muslim, I am a follower of god".

Serve the world and serve without any self interest.

Guru Nanak preached that all humans are equal, irrespective of colour, caste, or creed.

 

Those who are in need, need you the most. Share with them and care for them.

Gurpurab Messages

Guru Nanak Dev Ji de prakash dehare di lakh lakh vadhai hove...

He passes the message of welfare of the whole humanity and not just one community
"Nanak Naam Chardi Kala Tere Bhane Sarbat da bhala".

Earn an honest living by ensuring that no action leads to cheating or exploitation.

Guru Nanak Dev ji believed in Vand Chako,
meaning sharing with others,
and helping those who are in need.

Gurpurab Messages

Aap ji ni Sri Guru Nanak Dev Ji De aagman purab dian Lakh-Lakh Vadayian.

Be egalitarian, it is all about people and not about profiling.

He gave the message of Kirat Karo,
which means earning a honest living,
without cheating or fraud.

Bring in compassion in whatever you do.

Guru Nanak Devji says one should remember God at all times,
Naam Japna

Death will happen, be not scared of it.

Guru Nanak Quotes

Gurpurab Messages

Dhan Dhan Sahib Sri Guru Nanak Dev Ji De Aagman Purab Di Aap Sub Nu Lakh Lakh Vadhaai Hove!

One cannot comprehend Him through reason, even if one reasoned for ages.
- Guru Nanak Dev Ji

He who has no faith in himself can never have faith in God.
― Guru Nanak, Sri Guru Granth Sahib

Let no man in the world live in delusion. Without a Guru none can cross over to the other shore.
-Guru Nanak

Even Kings and emperors with heaps of wealth and vast dominion cannot compare with an ant filled with the love of God.
Sri Guru Nanak, Sri Guru Granth Sahib

Those who have loved are those that have found God
― Guru Nanak

Through shallow intellect, the mind becomes shallow, and one eats the fly, along with the sweets.
-Guru Nanak

Your Mercy is my social status.
― Guru Nanak

Gurpurab Messages

Satguru Nanak Pargatiya Mitti Dhund Jag Chanan Hoya.
Wishing You Happy Gurpurab.

I am neither a child, a young man, nor an ancient; nor am I of any caste.
― Guru Nanak

Riches cannot be gathered without sin and evil means.
-Guru Nanak

If the people use the wealth bestowed on them by God for themselves alone or for treasuring it, it is like a corpse. But if they decide to share it with others, it becomes sacred food.
-Guru Nanak

Guru Nanak Quotes in Hindi

कर्म भूमि पर फल के लिए श्रम सबको करना पड़ता है, रब सिर्फ लकीरे देता है रंग हमको भरना पड़ता है।

दुनिया में किसी भी व्यक्ति को भ्रम में नहीं रहना चाहिए। बिना गुरु के कोई भी दुसरे किनारे तक नहीं जा सकता है।

प्रभु के लिए खुशियों के गीत गाओ, प्रभु के नाम की सेवा करो, और उसके सेवकों के सेवक बन जाओ।

दूब की तरह छोटे बनकर रहो ! जब घास-पात जल जाते है तब भी दूब जस की तस रहती है।

ना मैं एक बच्चा हूँ , ना एक नवयुवक, ना ही मैं पौराणिक हूँ, ना ही किसी जाति का हूँ.

बंधुओं ! हम मौत को बुरा नहीं कहते, यदि हम जानते कि वास्तव में मरा कैसे जाता है।

Gurpurab Messages

ज्यों कर सूरज निकल्या,
तारे छुपे हनेर प्लोवा,
मिटी ढूंढ जग चानन होवा,
काल तान गुरु नानक आइया
गुरु नानक जयंती की शुभकामनाए

भगवान एक है, लेकिन उसके कई रूप हैं। वो सभी का निर्माणकर्ता है और वो खुद मनुष्य का रूप लेता है।

तेरी हजारों आँखें हैं और फिर भी एक आंख भी नहीं, तेरे हज़ारों रूप हैं फिर भी एक रूप भी नहीं।

कोई उसे तर्क द्वारा नहीं समझ सकता, भले वो युगों तक तर्क करता रहे।

धन-समृद्धि से युक्त बड़े बड़े राज्यों के राजा-महाराजों की तुलना भी उस चींटी से नहीं की जा सकती है जिसमे में ईश्वर का प्रेम भरा हो।

सांसारिक प्यार को जला दे, अपनी राख को घिसे और उसकी स्याही बनाये, अपने दिल को कलम (पेन) बनाये, अपनी बुद्धि को लेखक बनाये, और वह लिखे जिसका कोई अंत ना हो और जिसकी कोई सीमा न हो।

जिसे खुद पर विश्वास नही है वह कभी भगवान पर विश्वास कर ही नही सकता।

शांति से अपने ही घर में खुद का विचार करे तब आपको मृत्यु का दूत छु भी नही पायेगा।

ये दुनिया एक नाटक है जिसे सपनो में प्रस्तुत करना होता है।

तुम्हारी दया ही मेरा सामाजिक दर्जा (ओहदा) है।

वे लोग जिनके पास प्यार है, वे उन लोगो में से है जिन्होंने भगवान को ढूंढ लिया।

योगी को किस बात का डर होना चाहिए? पेड़, पौधे सभी उसीके अंदर और बाहर होते है।

सिर्फ और सिर्फ वहि बोले जो शब्द आपको सम्मानित करते है।

ना मैं पुरुष हु, ना ही महीला और ना ही नपुंसक. मैं तो बस एक शांतिवाहक हु जिसमे अपार आत्मविश्वास, साहस और अनंत ज्योति है।

ये पूरी दुनिया कठनाइयो में है। वह जिसे खुद पर भरोसा है वही विजेता कहलाता है।

आप चाहे किसी भी प्रकार के बीज बोये, लेकिन उसे उचित मौसम में ही तैयार करे, यदि आप ध्यान से इन्हें देखोंगे तो पाएंगे की बीज के गुण ही उन्हें ऊपर लाते है।

वह सब कुछ है लेकिन भगवान केवल एक ही है। उसका नाम सत्य है, रचनात्मकता उसकी शख्सियत है और अनश्वर ही उसका स्वरुप है। जिसमे जरा भी डर नही, जो द्वेष भाव से पराया है। गुरु की दया से ही इसे प्राप्त किया जा सकता है।

माया को जेब में ही स्थान देना चाहिए, अपने हृदय में नहीं।